The Union Government has decided to do away with Rs. 500 and Rs. 1000 currency notes from midnight on Tuesday. These notes will cease to be legal tender from the midnight of November 8, 2016, announced Prime Minister Narendra Modi in his address to the nation on Tuesday. "These notes will only be papers from tomorrow," he said in Hindi, adding that the move is to curb circulation of counterfeit notes and fight blackmoney. People who posess currency notes of these denomination can exchange them in banks and head and sub post offices from November 10 to December 30, by providing a valid proof for identity such as Aadhar card, PAN card or voters ID card. Post December 30, these notes will be accepted only by the Reserve Bank of India after submitting a declaration. From midnight today, till November 10, ATMs will not function. Banks will be closed for public transactions tomorrow. For a few days, only upto Rs. 2000 can be withdrawn from ATMs. This will be enhanced to Rs. 4000 later. The withdrawal limit for ATM will eventually be fixed at Rs. 10,000 per day and Rs. 20,000 per week. There are some exemptions: Government hospitals, pharmacies at Government hospitals, public sector-run petrol bunks, and burial grounds. Airports will make arrangements to inform international travellers that the cash limit is Rs. 5000. This move will not affect debit cards, cheque and digital transfer of money. All other denominations such as Rs. 100, Rs. 50, Rs. 10, Rs. 5, Rs. 2 and Re. 1 as well as coins will continue in circulation unaffected. In an unusual televised address, as the NDA government completes two-and-a half years rule on Tuesday, Mr. Modi said Rs. 500 and Rs. 1000 denominations are mostly counterfeited "from across the border." "We have brought back Rs. 1,25,000 crores of blackmoney from corrupt people through various means," the Prime Minister said.


नई दिल्ली:मोदी सरकार ने मंगलवार आधी रात से मौजूदा 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि अर्थक्रांति संस्थान ने ऐसा प्रपोजल राहुल गांधी, मोदी और बीजेपी नेताओं को दिया था। इस ऑर्गेनाइजेशन का दावा है कि उनके मेंबर अनिल बोकिल ने मोदी के साथ कुछ महीनों पहले मीटिंग की थी। बोकिल को मोदी से मुलाकात के लिए सिर्फ 9 मिनट का वक्त दिया गया था, लेकिन बड़े नोट बंद करने का प्रपोजल जानने के बाद उन्होंने इसमें इंटरेस्ट दिखाया और पूरे 2 घंटे तक चर्चा की। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बोकिल की टीम डेढ़ साल पहले राहुल गांधी से भी मिलने गई थी। राहुल ने टीम को सिर्फ 10 से 15 सेकंड का वक्त दिया था। इसके बाद अर्थक्रांति की टीम ने कुछ बीजेपी नेताओं से भी मुलाकात की थी।



प्रपोजल में क्या थे सुझाव...

- इंजीनियरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की इस संस्था ने अपने प्रपोजल में कहा था कि इंपोर्ट ड्यूटी छोड़कर 56 तरह के टैक्स वापस लिए जाएं। बड़ी करेंसी 1000, 500 और 100 रुपए के नोट वापस लिए जाएं।

- सभी तरह के बड़े ट्रांजेक्शन सिर्फ बैंक से जरिए चेक, डीडी और ऑनलाइन हों।

- कैश ट्रांजेक्शन के लिए लिमिट फिक्स की जाए। इन पर कोई टैक्स न लगाया जाए।

- सरकार के रेवेन्यू जमा करने का एक ही बैंक सिस्टम हो। क्रेडिट अमाउंट पर बैंकिंग ट्रांजेक्शन टैक्स (2 से 0.7%) लगाया जाए।

प्रपोजल के खास प्वाइंट

- फिलहाल देश में 2.7 लाख करोड़ का बैंकिंग ट्रांजेक्शन रोज होता है। सालाना 800 लाख करोड़।

- सिर्फ 20% ट्रांजेक्शन बैंक के जरिए होता है। बाकी 80% कैश होता है, जिसे ट्रेस नहीं किया जा सकता।

- देश की 78% आबादी रोज सिर्फ 20 रुपए खर्च करती है। ऐसे में उन्हें 1000 रुपए के नोट की क्या जरूरत।



500 और 1000 के नोट वापस लेने से क्या होगा?

- इस संस्थान ने सरकार को दिए प्रपोजल में कहा था कि कैश ट्रांजेक्शन से होने वाला भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म होगा। ब्लैकमनी व्हाइट हो जाएगी या फिर बेकार। 1000 और 500 के नोट कागजी टुकड़े बन जाएंगे। 
- प्रॉपर्टी, जमीन, ज्वेलरी और घर खरीदने में ब्लैकमनी के इस्तेमाल से कीमत बढ़ जाती है। मेहनत से कमाई रकम की वैल्यू घट रही है। इस पर फौरन लगाम लगेगी। 
- कुछ क्राइम जैसे किडनैपिंग, रिश्वतखोरी, सुपारी लेकर मर्डर पर रोक लगेगी। कैश ट्रांजेक्शन के जरिए आतंकवाद की फंडिंग पर रोक लगेगी। 
- कोई भी मंहगी प्रॉपर्टी कैश में खरीदते वक्त रजिस्ट्री में घालमेल नहीं कर पाएगा। जाली नोटों के लेनदेन पर रोक लगेगी।


56 तरह के टैक्स खत्म करने से क्या होगा?

-  नौकरीपेशा लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा होगा और परिवारों की खरीदारी कैपिसिटी बढ़ेगी। 
- पेट्रोल, डीजल, एफएमसीजी के साथ सभी कमोडिटीज 35 से 52 फीसदी तक सस्सी होंगी। 
- टैक्स भरने का कोई सवाल नहीं होगा तो लोग ब्लैकमनी जमा नहीं कर पाएंगे। 
- बिजनेस सेक्टर में उछाल आएगा और लोगों के पास खुद के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। 


इसे लागू करने से क्या फायदा होगा?
- अर्थक्रांति के मुताबिक, सभी चीजों की कीमत घटेगी, नौकरीपेशा लोगों के हाथ में ज्यादा पैसा होेगा।
- सोसाइटी की खरीदारी की कैपिसिटी बढ़ेगी। मांग और प्रोडक्शन बढ़ेगा तो कंपनियों में रोजगार बढ़ेगा। 
- बैंकों से आसान और सस्ता लोन मिलेगा। इंटरेस्ट रेट घटेगा। 
- राजनिती में ब्लैकमनी का इस्तेमाल भी बंद होगा। जमीन और प्रॉपर्टी की कीमत कम होगी। 
- व्यापार घाटे को पूरा करने के लिए बीफ एक्पोर्ट की जरूरत नहीं होेगी। 
- रिसर्च और डेव्लपमेंट के लिए पर्याप्त धन मौजूद होगा। आसामाजिक तत्वों पर लगाम कसेगी। 


राहुल ने दिए सिर्फ 15 सेकंड
- फर्स्टपोस्ट की खबर के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले मेकेनिकल इंजीनियर बोकिल अपने डेलिगेशन के साथ प्रपोजल लेकर राहुल गांधी से मिलने गए थे। लेकिन घंटों सिक्युरिटी चेक के बाद राहुल ने उन्हें सिर्फ 10-15 सेकेंड का वक्त दिया था।
- ब्लैक कैट कमांडो ने उन्हें प्रपोजल वाली सीडी साथ लेकर जाने की भी इजाजत नहीं दी थी। उन्हें सीडी में ऐसा कोई प्रपोजल नहीं होने का भी शक था। तब राहुल ने सिर्फ इतना कहा था कि प्लीज आप डॉ. मोहन गोपाल से मिल लें, हम पहले इसे देखेंगे। गोपाल राजीव गांधी फाउंडेशन के डायरेक्टर थे।  


क्या है अर्थक्रांति?
- यह पुणे की इकोनॉमिक एडवाइजरी संस्था है। जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और इंजीनियर शामिल हैं। अर्थक्रांति प्रपोजल को संस्थान ने पेटेंट कराया है। 
- संस्थान का दावा है कि यह प्रपोजल ब्लैकमनी, मंहगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, रिश्वतखोरी, आतंकियों की फंडिंग रोकने में पूरी तरह कारगर होगा। 




The Reserve Bank of India has decided to conduct a pilot under which 10 per cent of ATMs in the country will be calibrated to dispense Rs 100 banknotes exclusively to ensure genuine requirements of the public.

Read more...

मुंबई : देशात लागू होत असलेल्या जीएसटी कायद्याऐवजी अर्थक्रांती प्रस्ताव लागू झाल्यास देशासमोरील बेरोजगारी, काळा पैसा, भ्रष्टाचार, आर्थिक विषमता, दहशतवाद हे प्रश्न सुटू शकतात. त्यासाठी अर्थक्रांती प्रस्ताव लागू करण्यासाठी शासनाकडे जनतेतून दबाव निर्माण करण्यासाठी पाठिंबा द्यावा, असे आवाहन अर्थक्रांती राष्ट्रीय आर्थिक साक्षरता मंचचे सचिव प्रशांत देशपांडे (लातूर) यांनी नुकतेच येथे केले.

Read more...

Noting that politics has become a "shelter" for corrupt people, Andhra Pradesh Chief Minister N Chandrababu Naidu on Wednesday reiterated his demand for immediately abolishing currency notes of Rs 1000 and Rs 500 denominations to curb black money in the country."Politics has become a shelter for corrupt people and black money earners. Some people who are in politics are misusing the people's mandate. I'm writing a letter to the Prime Minister today asking that Rs 1000 and Rs 500 notes be abolished and total bank transactions be encouraged," he said at a press conference in his new office at Velagapudi.

Read more...